जम्मू-कश्मीर के उत्तरी कश्मीर स्थित बारामूला जिले में प्रशासन ने बड़े अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाया है। अधिकारियों के अनुसार, गुलनार पार्क के पास कई कनाल प्राइम स्टेट लैंड पर किए गए कथित अतिक्रमण को हटाया गया और वहां बना अवैध शेड भी गिरा दिया गया।
यह कार्रवाई उस जमीन पर की गई, जिसे संसद हमले के दोषी अफजल गुरु के ससुराल पक्ष से जुड़े लोगों के कब्जे वाली जमीन के रूप में बताया जा रहा है। प्रशासन ने अभियान के दौरान सरकारी भूमि को अपने नियंत्रण में वापस ले लिया।
अधिकारियों के मुताबिक, जिस जमीन से अतिक्रमण हटाया गया, वह बारामूला में बेहद महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है और इसकी कीमत करोड़ों रुपये होने का अनुमान है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी जमीन की सुरक्षा और उसके अनधिकृत इस्तेमाल को रोकने के लिए जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
और पढ़ें: लश्कर कमांडर हाशिम मूसा के घावों पर लगाया जाता था शहद, यासिर के फोन से मिली तस्वीरें
कार्रवाई के दौरान संबंधित अधिकारियों ने अवैध ढांचे और कब्जे को हटाया। प्रशासन ने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति और सरकारी भूमि को किसी भी तरह के अनधिकृत इस्तेमाल से सुरक्षित रखना उसकी प्राथमिकता है।
अधिकारियों द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण से जुड़े लोगों में सज्जाद अहमद बुहारू, तारिक अहमद बुहारू, तबस्सुम गुरुरू और मंजूर अहमद बुहारू समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करने या अतिक्रमण में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि बारामूला जिले में अतिक्रमण विरोधी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्रशासन के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखना और सार्वजनिक भूमि पर अवैध निर्माण तथा कब्जे को रोकना है। अधिकारियों ने लोगों से सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा नहीं करने की अपील भी की है।
और पढ़ें: जम्मू-कश्मीर में रूफटॉप सोलर को मिलेगी रफ्तार, 100 मेगावाट क्षमता का आंकड़ा पार