भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच शुक्रवार को पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति और उसके वैश्विक प्रभावों को लेकर विस्तृत बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री स्थिरता और द्विपक्षीय संबंधों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे हैं, जहां वे ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं। बैठक के बाद एस. जयशंकर ने कहा कि उन्होंने अराघची के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति और उससे जुड़े प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही दोनों देशों के साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।
जयशंकर ने ब्रिक्स सम्मेलन में अराघची की भागीदारी की सराहना भी की।
इससे पहले अब्बास अराघची ने ब्रिक्स सम्मेलन में अमेरिका और इज़राइल पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ईरान “अवैध विस्तारवाद और युद्धोन्माद” का शिकार है। अराघची ने ब्रिक्स देशों से अपील की कि वे अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन के खिलाफ खुलकर आवाज उठाएं।
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उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा अपनी स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा की है और किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है। अराघची ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई किसी समस्या का समाधान नहीं है और उनका देश हर चुनौती का मजबूती से सामना करेगा।
नई दिल्ली में आयोजित यह ब्रिक्स बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और आर्थिक स्थिरता प्रभावित हो रही है।
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