जम्मू-कश्मीर ने रूफटॉप सोलर क्षमता के क्षेत्र में 100 मेगावाट का शुरुआती लक्ष्य हासिल कर लिया है। केंद्रीय बिजली सचिव पंकज अग्रवाल ने शनिवार को कहा कि इस उपलब्धि के बाद केंद्र शासित प्रदेश में घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की रफ्तार और तेज होने की उम्मीद है।
पंकज अग्रवाल ने श्रीनगर के राजबाग में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आयोजित ‘सेवा सेतु अभियान’ शिविर के दौरान पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में करीब 50 लाख लोग इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। जम्मू-कश्मीर ने हाल ही में रूफटॉप सोलर क्षमता में 100 मेगावाट का आंकड़ा पार किया है।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में इस दिशा में अच्छी शुरुआत हुई है और जैसे-जैसे योजना को गति मिलेगी, यहां सौर ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति देखने को मिलेगी।
और पढ़ें: फ्लाईदुबई घटना के आरोपी के महिलाओं और मिश्रित कार्यस्थलों पर विवादित विचार सामने आए
बिजली सचिव ने जम्मू-कश्मीर की जलविद्युत क्षमता के दोहन को लेकर केंद्र की योजनाओं की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि खासतौर पर चिनाब नदी पर कई बड़ी जलविद्युत परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
चिनाब वैली पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड केंद्र सरकार और जम्मू-कश्मीर प्रशासन का संयुक्त उपक्रम है, जो क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं की निगरानी कर रहा है। पंकज अग्रवाल के मुताबिक, रतले, पाकल दुल, किरू और क्वार जैसी परियोजनाओं पर काम जारी है और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के सहयोग से इनकी प्रगति अच्छी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर में अतिरिक्त जलविद्युत परियोजनाओं की संभावनाओं पर भी विचार कर रही है। प्रस्तावित सावलकूट परियोजना को लेकर चर्चा चल रही है और सरकार इसे निकट भविष्य में आगे बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
इन परियोजनाओं से न केवल जम्मू-कश्मीर की बिजली जरूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी, बल्कि देश के अन्य हिस्सों की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में भी योगदान मिलेगा।
और पढ़ें: केएल राहुल की शानदार पारी से भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ बनाए 351 रन