झारखंड के हजारीबाग जिले में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुए मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए हैं। पुलिस के अनुसार यह मुठभेड़ केरेडारी थाना क्षेत्र के बाटुका जंगल में हुई, जहां सुरक्षा बलों को गुप्त सूचना मिली थी।
बरकागांव के एसडीपीओ पवन कुमार ने बताया, “मुठभेड़ में चार माओवादी मारे गए हैं। उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस ऑपरेशन में किसी भी सुरक्षाकर्मी को कोई चोट नहीं आई है।
इस कार्रवाई को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से इस इलाके में माओवादी गतिविधियां सक्रिय थीं।
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वहीं, एक अन्य घटना में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में माओवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। यह मुठभेड़ सारंडा जंगल में चोटानागरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई, जहां कुख्यात माओवादी नेता मिसिर बेसरा अपने दस्ते के साथ मौजूद था। उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है।
पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेनू ने बताया कि घायल चारों कोबरा कमांडो अब खतरे से बाहर हैं। कोबरा (Commando Battalion for Resolute Action) सीआरपीएफ की विशेष इकाई है, जो जंगल में नक्सल विरोधी अभियानों के लिए प्रशिक्षित होती है।
रांची में पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशंस) माइकल राज एस ने बताया कि यह ऑपरेशन माओवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद शुरू किया गया था।
गौरतलब है कि सुरक्षा बल—सीआरपीएफ, कोबरा और झारखंड जगुआर—कई महीनों से इस क्षेत्र में सघन सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं, ताकि इलाके को माओवादी मुक्त बनाया जा सके।
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