झारखंड में सरकारी नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलन के 23वें दिन प्रदर्शनकारी छात्रों ने रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंके।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि झारखंड सरकार उनकी मुख्य मांग को लेकर गंभीर नहीं है। छात्रों की प्रमुख मांग सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं की निष्पक्ष सीबीआई जांच कराना है। छात्रों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की स्वतंत्र जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
रांची के अलावा झारखंड के कई अन्य जिलों में भी प्रदर्शनकारियों ने पुतले जलाए और नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों ने झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार और कांग्रेस के खिलाफ भी जमकर नारे लगाए।
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प्रदर्शनकारियों के अनुसार, कांग्रेस ने कथित तौर पर भरोसा दिलाया था कि यदि उनकी मांगों पर 15 अगस्त तक कार्रवाई नहीं हुई तो वह झामुमो के नेतृत्व वाली सरकार से अपना समर्थन वापस लेने पर विचार करेगी। छात्रों का दावा है कि अब स्वतंत्रता दिवस की समयसीमा गुजरने के बावजूद उनकी मांग पर ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
लगातार बढ़ते विरोध के बीच झारखंड सरकार ने आंदोलनकारियों को बातचीत के चौथे दौर के लिए आमंत्रित किया है। इससे पहले सरकार और छात्रों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन किसी ठोस समाधान पर सहमति नहीं बन पाई।
छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और अभ्यर्थियों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार को स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से बातचीत के माध्यम से गतिरोध दूर करने की कोशिश की जा रही है। अब सभी की नजर चौथे दौर की वार्ता के नतीजे पर है।
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