केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को बायोटेक उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद-रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन (BIRAC-RDI) फंड का शुभारंभ किया। यह फंड अगले पांच वर्षों में 2,000 करोड़ रुपये की राशि का निवेश करेगा, जिसका उद्देश्य जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नवाचारों को बढ़ावा देना है।
इस फंड का मुख्य उद्देश्य लैब के शोध और औद्योगिक पैमाने पर निर्माण के बीच का अंतर कम करना है। इसके तहत TRL-4 से TRL-9 तक की तकनीकों का समर्थन किया जाएगा, जिसमें इक्विटी, रूपांतरणीय उपकरण और दीर्घकालिक ऋण जैसे मिश्रित वित्तीय साधनों का इस्तेमाल किया जाएगा। पात्र स्टार्टअप, SMEs और उद्योग सहयोगी आधिकारिक पोर्टल https://biracrdif.org के माध्यम से प्रस्ताव जमा कर सकते हैं। फंड के पहले चरण के लिए प्रस्ताव जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 है।
सरकार ने भारत में उभरती बायोटेक कंपनियों का समर्थन करने वाली सार्वजनिक संस्था BIRAC को इस फंड के दूसरे-स्तरीय प्रबंधक के रूप में नियुक्त किया है। यह पहल RDI (अनुसंधान, विकास और नवाचार) का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश की नवाचार पारिस्थितिकी प्रणाली को संरचित और दीर्घकालिक वित्तपोषण के माध्यम से मजबूत करना है।
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BIRAC-RDI फंड के माध्यम से शोधकर्ताओं और उद्यमियों को प्रोत्साहित किया जाएगा कि वे नई तकनीकों को व्यावसायिक रूप से विकसित करें और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बनाएं।
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