कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र के बसंत विहार इलाके में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पंडित पृथ्वीनाथ (पीपीएन) कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आलोक सिंह का शव उनके कमरे में खून से लथपथ हालत में मिला। शुरुआती जांच में पुलिस ने आशंका जताई है कि आलोक सिंह ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या की है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से अभी तक कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। ऐसे में आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता लगाने के लिए सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, 50 वर्षीय आलोक सिंह अपने पैतृक घर में पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ रहते थे। उनके पिता ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े हैं, जिसमें आलोक भी सहयोग करते थे। मंगलवार रात वह काम से लौटे, परिवार के साथ खाना खाया और फिर पहली मंजिल पर बने अपने कमरे में सोने चले गए।
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परिजनों के मुताबिक, देर रात कमरे से तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी थी, लेकिन उन्होंने इसे सामान्य आवाज समझकर नजरअंदाज कर दिया। बुधवार सुबह जब आलोक सिंह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं आए तो परिवार वालों को चिंता हुई। दरवाजा खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिलने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा, जहां आलोक का शव पड़ा मिला।
परिवार ने बताया कि आलोक सिंह वर्ष 1999 में पीपीएन कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके थे और सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहते थे। उनकी पत्नी विनीता पिछले कुछ समय से दोनों बेटियों के साथ लखनऊ में अलग रह रही थीं। बड़ी बेटी मर्चेंट नेवी में कार्यरत है, जबकि छोटी बेटी लखनऊ में 12वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही है।
परिजनों का कहना है कि पत्नी और बच्चों के अलग रहने के कारण आलोक सिंह मानसिक तनाव में थे, हालांकि घर में किसी बड़े विवाद की जानकारी नहीं थी।
घटना की सूचना मिलते ही दोनों बेटियां लखनऊ से कानपुर पहुंच गईं। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
नौबस्ता थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और जांच पूरी होने के बाद ही आत्महत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।
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