भारत निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक विधानसभा उपचुनाव 2026 की घोषणा कर दी है। राज्य की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा, जबकि 4 मई 2026 को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे।
ये उपचुनाव इसलिए कराए जा रहे हैं क्योंकि दोनों सीटें अपने-अपने विधायकों के निधन के बाद खाली हो गई थीं। बागलकोट सीट का प्रतिनिधित्व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एच.वाई. मेती करते थे, जबकि दावणगेरे दक्षिण सीट से अनुभवी नेता शामनूर शिवशंकरप्पा विधायक थे। दोनों नेताओं के निधन के बाद निर्वाचन आयोग ने इन क्षेत्रों को फिर से प्रतिनिधित्व देने के लिए चुनाव कराने का निर्णय लिया है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के अनुसार विभिन्न राज्यों में होने वाले उपचुनावों का कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से तय किया गया है। कर्नाटक की दोनों विधानसभा सीटों पर मतदान 9 अप्रैल को कराया जाएगा। इसके बाद 4 मई को सभी राज्यों के उपचुनावों के वोटों की गिनती एक साथ की जाएगी और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
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निर्वाचन आयोग जल्द ही नामांकन प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और उम्मीदवारों द्वारा नाम वापस लेने की अंतिम तारीख तय की जाएगी, जैसा कि चुनावी प्रक्रिया के तहत सामान्य रूप से किया जाता है।
हालांकि ये उपचुनाव केवल दो सीटों तक सीमित हैं, लेकिन राज्य की राजनीति में इनका महत्व काफी माना जा रहा है। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ही इन सीटों पर मजबूत उम्मीदवार उतारने की तैयारी में हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उपचुनाव अक्सर मतदाताओं के मौजूदा राजनीतिक रुझान का संकेत देते हैं। इसलिए आने वाले दिनों में इन दोनों सीटों पर चुनाव प्रचार तेज होने की संभावना है।
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