कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कांग्रेस के भीतर नाराजगी सामने आने लगी है। राज्य में 19 नए मंत्रियों को शामिल किए जाने के बाद कुछ विधायक मंत्री पद नहीं मिलने से असंतुष्ट हैं और उन्होंने इस्तीफा देने तक की धमकी दे दी है। इस मामले पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सख्त प्रतिक्रिया दी है।
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को कहा कि पार्टी व्यक्ति से ज्यादा महत्वपूर्ण है। उन्होंने नाराज विधायकों को धैर्य रखने की सलाह देते हुए कहा कि राजनीति में इस्तीफे होते रहते हैं और अगर कोई विधायक इस्तीफा देना चाहता है तो उसे कोई रोक नहीं सकता।
डीके शिवकुमार ने कहा, “मैंने जो कहना था, कह दिया है। राजनीति में इस्तीफे होते रहते हैं। अगर कोई इस्तीफा देता है तो मैं कुछ ही मिनटों में उसे स्वीकार कर लूंगा। अगर वे पार्टी और अपने भविष्य को चाहते हैं तो पार्टी जरूरी है। पार्टी है तो बाकी सब कुछ है।”
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मुख्यमंत्री ने अपने राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने भी कई बार धैर्य रखा है। उन्होंने कहा कि जब धर्म सिंह और सिद्धरमैया मुख्यमंत्री थे, तब उन्हें मंत्री पद नहीं मिला था, लेकिन उन्होंने पार्टी के लिए काम करना जारी रखा। उन्होंने कहा कि जी. परमेश्वर और उन्होंने भी लंबे समय तक इंतजार किया और बाद में उन्हें जिम्मेदारियां मिलीं।
शिवकुमार ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब वीरेंद्र पाटिल मुख्यमंत्री थे, तब बंगारप्पा, मल्लिकार्जुन खड़गे और धर्म सिंह को मंत्री नहीं बनाया गया था, लेकिन बाद में इनमें से कई नेता बड़े पदों पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि राजनीति में धैर्य रखना जरूरी है।
19 नए मंत्रियों ने ली शपथ
गौरतलब है कि सोमवार को कर्नाटक में मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया, जिसमें डीके शिवकुमार सरकार में 19 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसके बाद कुछ कांग्रेस विधायकों में नाराजगी बढ़ गई।
कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक दिनेश गुंडू राव ने भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिलने पर निराशा जताई। राव इससे पहले सिद्धरमैया सरकार में स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं और पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण नेताओं में गिने जाते हैं।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कांग्रेस नेतृत्व के सामने असंतुष्ट विधायकों को साधने की चुनौती बढ़ गई है। वहीं मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के सख्त बयान से पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
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