कर्नाटक में नई कांग्रेस सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। उनके साथ लगभग 10 से 12 विधायकों के मंत्री पद की शपथ लेने की संभावना है। मंत्रिमंडल का विस्तार दो चरणों में किया जाएगा।
संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार, कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 34 मंत्री हो सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह बेंगलुरु के लोक भवन स्थित ग्लास हाउस में आयोजित होगा, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं सहित राहुल गांधी के भी शामिल होने की संभावना है। डीके शिवकुमार फिलहाल दिल्ली में हैं, जबकि उनके भाई डीके सुरेश तैयारियों की देखरेख कर रहे हैं।
कांग्रेस के भीतर जातीय संतुलन को लेकर मंथन जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पार्टी हाईकमान को सुझाव दिया है कि सरकार में तीन उपमुख्यमंत्री बनाए जाएं ताकि विभिन्न समुदायों को प्रतिनिधित्व मिल सके। इस प्रस्ताव पर मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सिंह सुरजेवाला के साथ बैठक में चर्चा हुई।
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सूत्रों के अनुसार, सिद्धारमैया ने जी. परमेश्वर (दलित समुदाय), एमबी पाटिल (लिंगायत समुदाय) और जमीर अहमद खान (मुस्लिम समुदाय) के नाम उपमुख्यमंत्री पद के लिए सुझाए हैं। हालांकि डीके शिवकुमार ने कथित तौर पर किसी भी उपमुख्यमंत्री पद के पक्ष में नहीं होने की बात कही है। इस पर अंतिम निर्णय राहुल गांधी द्वारा लिया जा सकता है।
मंत्रिमंडल में सिद्धारमैया के पुत्र यतींद्र सिद्धारमैया के शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा उनके करीबी सहयोगियों जैसे एच.सी. महादेवप्पा, संतोष लाड, बसवराज रायरेड्डी, वेंकटेश, बी. सुरेश और बी.के. हरिप्रसाद के नाम भी चर्चा में हैं।
पहले चरण में जिन नेताओं को मंत्री बनाए जाने की संभावना है उनमें यतींद्र सिद्धारमैया, जी. परमेश्वर, केजे जॉर्ज, रामलिंगा रेड्डी, प्रियंक खड़गे, एमबी पाटिल और अन्य प्रमुख नाम शामिल हैं।
कांग्रेस हाईकमान सभी नामों पर अंतिम निर्णय जल्द लेने की तैयारी में है।
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