कर्नाटक के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर राज्यभर में बड़ी कार्रवाई शुरू की है। स्वास्थ्य मंत्री यूटी खादर के निर्देश पर शुक्रवार को बेंगलुरु समेत कई प्रमुख इलाकों में स्टार होटलों और खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की गई।
खाद्य गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच के लिए विभाग ने 30 विशेष टीमों का गठन किया है। ये टीमें होटलों, रेस्तरां और अन्य खाद्य केंद्रों पर अचानक निरीक्षण कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम ग्राहकों की लगातार शिकायतों और सोशल मीडिया पर सामने आए खाद्य गुणवत्ता से जुड़े मामलों के बाद उठाया गया है।
कर्नाटक स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीनिवास ने बताया कि नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की ओर से खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को लेकर कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं प्रशासन विभाग के अधिकारियों को जांच अभियान में लगाया गया है।
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खराब खाद्य सामग्री और अस्वच्छता पर नजर
निरीक्षण के दौरान टीमें एक्सपायरी सामग्री के इस्तेमाल, रसोई में खराब स्वच्छता व्यवस्था, भोजन के अनुचित भंडारण, प्रतिबंधित रंगों और रसायनों के उपयोग तथा लेबलिंग नियमों के उल्लंघन की जांच कर रही हैं।
हाल के महीनों में बेंगलुरु और अन्य शहरों के कई लोकप्रिय भोजनालयों को लेकर सोशल मीडिया पर शिकायतें सामने आई थीं। इनमें गोबी मंचूरियन और कबाब जैसे व्यंजनों में कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल तथा रसोई में गंदगी के आरोप लगाए गए थे।
‘ऑपरेशन ईट राइट’ के तहत भी हुई थी कार्रवाई
पिछले साल भी कर्नाटक सरकार ने खाद्य विषाक्तता और स्ट्रीट फूड में कृत्रिम रंगों के इस्तेमाल की शिकायतों के बाद ‘ऑपरेशन ईट राइट’ जैसे अभियान चलाए थे। कई होटलों को नोटिस जारी किए गए थे और जुर्माना भी लगाया गया था।
अधिकारियों का कहना है कि बेंगलुरु में क्लाउड किचन, पब और देर रात तक चलने वाली खाद्य डिलीवरी सेवाओं के तेजी से बढ़ने के कारण निगरानी जरूरी हो गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले होटलों के लाइसेंस रद्द किए जा सकते हैं और गंभीर मामलों में एफआईआर भी दर्ज की जाएगी। जांच अभियान अगले कुछ हफ्तों तक जारी रहेगा और बाद में इसे कॉलेजों, हॉस्टलों और कैटरिंग सेवाओं तक भी बढ़ाया जाएगा।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा से जुड़ी किसी भी शिकायत को एफएसएसएआई हेल्पलाइन और राज्य के शिकायत पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराएं।
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