कर्नाटक सरकार ने 28 जून को आयोजित होने वाले राज्यव्यापी पल्स पोलियो अभियान के तहत पांच वर्ष से कम आयु के 64.84 लाख बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं और यह सुनिश्चित करने की योजना बनाई है कि कोई भी पात्र बच्चा इस महत्वपूर्ण टीकाकरण कार्यक्रम से वंचित न रहे।
स्वास्थ्य मंत्री यू.टी. खादर ने गुरुवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में बताया कि राज्यभर में पल्स पोलियो अभियान के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पहुंचना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने बूथों की स्थापना, चिकित्सा कर्मियों की तैनाती और जागरूकता कार्यक्रमों की विस्तृत योजना तैयार की है।
मंत्री ने बताया कि अभियान के दौरान सरकारी अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर पोलियो बूथ स्थापित किए जाएंगे। इसके अलावा स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर भी बच्चों को पोलियो की खुराक देने का कार्य करेंगे, ताकि किसी भी बच्चे का टीकाकरण छूट न जाए।
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स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे 28 जून को अपने पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर लेकर जाएं और उन्हें पोलियो की दवा अवश्य पिलाएं। विभाग का मानना है कि सामूहिक भागीदारी और जागरूकता के माध्यम से ही पोलियो मुक्त समाज के लक्ष्य को बनाए रखा जा सकता है।
कर्नाटक में यह अभियान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य के सभी जिलों में आवश्यक दवाओं और स्वास्थ्य संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है, जिससे अभियान को प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके।
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