केरल में मुख्यमंत्री पद को लेकर राजनीतिक स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के भीतर इस पद को लेकर मंथन जारी है। सूत्रों के अनुसार, 63 नवनिर्वाचित कांग्रेस विधायकों में से 10 ने मुख्यमंत्री चुनने का निर्णय पार्टी हाईकमान पर छोड़ दिया है।
वहीं, 53 विधायकों में से 43 ने केसी वेणुगोपाल को मुख्यमंत्री बनाने की इच्छा जताई है। इसके अलावा, कुछ विधायकों ने संयुक्त रूप से वेणुगोपाल और वी डी सतीशन को अपनी पसंद बताया है, जबकि कुछ अन्य ने रमेश चेन्निथला का नाम भी लिया है।
इस बीच, पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जल्द ही अंतिम फैसला लेंगे। बताया जा रहा है कि उन्होंने तीनों प्रमुख दावेदारों को चर्चा के लिए बुलाया है।
और पढ़ें: कर्नाटक सीएम विवाद पर मल्लिकार्जुन खड़गे का बयान: तीनों मिलकर करेंगे फैसला
इस पूरी प्रक्रिया में प्रियंका गांधी और राहुल गांधी की भूमिका भी अहम मानी जा रही है। दोनों नेताओं का केरल से गहरा राजनीतिक जुड़ाव रहा है, जिससे उनके विचारों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पार्टी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक ने केरल जाकर सभी विधायकों और सांसदों से बातचीत की और अपनी रिपोर्ट कांग्रेस नेतृत्व को सौंप दी है।
सूत्रों के अनुसार, अधिकांश विधायक केसी वेणुगोपाल के पक्ष में हैं, जबकि जनता के बीच वी डी सतीशन को मजबूत नेता माना जा रहा है।
संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने 140 सीटों में से 102 सीटें जीतकर सत्ता में वापसी की है, जबकि कांग्रेस ने अकेले 63 सीटें हासिल की हैं।
अब अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को लेना है, जो तय करेगा कि केरल का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
और पढ़ें: लोकसभा में DMK सांसदों के लिए अलग सीटिंग की मांग, कांग्रेस से गठबंधन खत्म होने के बाद कनिमोझी ने दिया पत्र