कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुजरात को लेकर दिए अपने विवादित बयान पर खेद जताया है। उन्होंने कहा कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि केरल में दिए गए उनके हालिया भाषण के कुछ हिस्सों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह गुजरात के लोगों का हमेशा सम्मान करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे।
यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब खड़गे ने केरल के इडुक्की में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि केरल के लोग शिक्षित और समझदार हैं, उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा था कि गुजरात और कुछ अन्य जगहों के लोगों को गुमराह किया जा सकता है, जिससे विवाद खड़ा हो गया।
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इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी ने खड़गे पर तीखा हमला बोला। पार्टी नेताओं ने इसे गुजरात के लोगों का अपमान बताया। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि यह बयान करोड़ों गुजरातियों का अपमान है और राज्य के योगदान को नजरअंदाज करता है।
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी खड़गे के बयान पर सवाल उठाए और इसे चुनाव से पहले की विभाजनकारी राजनीति बताया। उन्होंने कहा कि मतदाता इसका जवाब चुनाव में देंगे।
इस पूरे विवाद के बीच खड़गे ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी भी राज्य या उसके नागरिकों का अपमान करना नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर उनके शब्दों से किसी को ठेस पहुंची है, तो उन्हें इसका खेद है।
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