महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के सुरवे नगर इलाके में एक बंद मकान में रखी जिलेटिन छड़ियों में हुए जोरदार विस्फोट से इलाके में हड़कंप मच गया। धमाका इतना तेज था कि मकान को भारी नुकसान पहुंचा और आसपास के कई घरों की खिड़कियों के शीशे टूट गए। हालांकि घटना के समय मकान बंद था, जिसके कारण किसी की जान नहीं गई।
स्थानीय लोगों ने विस्फोट की आवाज सुनने के बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोल्हापुर पुलिस ने इलाके को सुरक्षित किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि बंद मकान में जिलेटिन की छड़ियां कैसे पहुंचीं और इनके विस्फोट के पीछे क्या कारण था।
कोल्हापुर के पुलिस अधीक्षक निलोत्पल ने बताया कि पुलिस को मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे शशिकला बोडिसकर के घर में विस्फोट की सूचना मिली थी। उन्होंने बताया कि शशिकला बोडिसकर का करीब एक वर्ष पहले निधन हो चुका है और उसके बाद से यह मकान बंद पड़ा था।
और पढ़ें: आरबीआई की मौद्रिक नीति से पहले शेयर बाजार में जोरदार शुरुआत, सेंसेक्स 600 अंकों से अधिक उछला
पुलिस अब मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों ने यह पता लगाने के लिए जांच शुरू की है कि विस्फोटक सामग्री मकान में किसने रखी और इसका उद्देश्य क्या था।
इस बीच, महाराष्ट्र में एक अन्य मुद्दे को लेकर भी विवाद बढ़ गया है। महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (मार्ड) ने होम्योपैथी चिकित्सकों को महाराष्ट्र मेडिकल काउंसिल (एमएमसी) में पंजीकरण देने के सरकार के फैसले के विरोध में 5 अगस्त से अनिश्चितकालीन राज्यव्यापी हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया है।
हड़ताल के कारण राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और बड़े अस्पतालों जैसे केईएम अस्पताल, सायन अस्पताल, नायर अस्पताल और जेजे अस्पताल में बुधवार को ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहेंगी। हालांकि शुरुआती 24 घंटे तक आपातकालीन सेवाएं जारी रहेंगी।
मार्ड ने मांग की है कि बीएचएमएस-सीसीएमपी पंजीकरण प्रक्रिया को अदालत के अंतिम फैसले तक रोका जाए। संगठन का कहना है कि स्पष्ट कानूनी और नियामक व्यवस्था के बिना यह फैसला मरीजों की सुरक्षा के हित में नहीं है।
और पढ़ें: प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो विवाद के बीच संसदीय समिति की मेटा को चेतावनी, कहा- संविधान का पालन करना होगा