कोलकाता पुलिस के डीसीपी शंतनु सिन्हा बिस्वास, जिन्हें हाल ही में सोनापप्पू से जुड़े एक रिश्वत और धोखाधड़ी मामले में एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने गिरफ्तार किया था, पर अब वित्तीय अनियमितताओं के नए आरोप लगे हैं।
ताजा आरोप पुलिस वेलफेयर बोर्ड से जुड़ी कथित अनियमितताओं से संबंधित हैं, जहां बिस्वास प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल थे। रिपोर्टों के अनुसार, आलिपोर बॉडीगार्ड लाइन्स कोऑपरेटिव बैंक में जबरन खाते खोलवाए गए और उन खातों के माध्यम से कथित तौर पर धन का गबन किया गया। जांचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कितनी राशि गबन की गई, कौन से खाते शामिल हैं और किसे खाते खोलने के लिए मजबूर किया गया।
लालबाजार ने इस मामले में अलग से जांच शुरू कर दी है।
ईडी की पूछताछ और गिरफ्तारी
बिस्वास को ईडी ने 14 मई को गिरफ्तार किया, जबकि उन्हें लगभग 10 घंटे की पूछताछ के बाद रात में गिरफ्तार किया गया। अधिकारी बताते हैं कि उन्होंने ईडी के कई समन का पालन नहीं किया और अंततः सुबह 11:05 बजे कार्यालय में हाजिर हुए।
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असहयोग के आरोप
ईडी का दावा है कि पूछताछ के दौरान बिस्वास ने कई सवालों का जवाब देने से इनकार किया और जानकारी छिपाने का प्रयास किया। कई दस्तावेज दिखाए जाने के बावजूद उन्होंने इन मुद्दों की जानकारी से इनकार किया।
कई मामलों की जांच
ईडी पहले ही बिस्वास को तीन अलग-अलग मामलों में नोटिस भेज चुकी है। इसमें सोनापप्पू से जुड़े रिश्वत और धोखाधड़ी के अलावा एनआरआई कोटा के तहत मेडिकल प्रवेश और कथित रेत तस्करी मामले की जांच भी शामिल है। हालांकि गिरफ्तारी फिलहाल केवल रिश्वत और धोखाधड़ी मामले में हुई है।
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