कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और कई अन्य भारतीयों के घायल होने के बाद भारत की कुवैत में राजदूत परमिता त्रिपाठी ने स्थिति का जायजा लिया। यह हमला उस समय हुआ जब क्षेत्र में ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ रहा था।
राजदूत परमिता त्रिपाठी ने सबसे पहले उस मॉर्चरी का दौरा किया, जहां हमले में मारे गए भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को रखा गया था। इसके बाद उन्होंने विभिन्न अस्पतालों में जाकर घायल भारतीय नागरिकों से मुलाकात की और उनके इलाज की स्थिति की जानकारी ली।
भारतीय दूतावास के अनुसार, इस घटना के बाद राहत और सहायता कार्यों को तेजी से समन्वित किया जा रहा है, ताकि सभी प्रभावित भारतीयों को समय पर चिकित्सा सहायता और आवश्यक मदद मिल सके। दूतावास ने मृतक के पार्थिव शरीर को भारत वापस भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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इस दौरान राजदूत परमिता त्रिपाठी ने कुवैत के वरिष्ठ अधिकारी ब्रिगेडियर अब्दुलरहीम अल-अवाधी, जो जनरल डिपार्टमेंट ऑफ क्रिमिनल एविडेंस के महानिदेशक हैं, से भी मुलाकात की। उन्होंने कुवैती प्रशासन द्वारा दी गई त्वरित और संवेदनशील सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।
भारतीय दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और सभी घायल भारतीय नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
इस हमले ने क्षेत्रीय तनाव के बीच प्रवासी भारतीयों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। भारत सरकार स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और आगे की सभी आवश्यक कूटनीतिक कार्रवाई कर रही है।
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