बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई नई Y श्रेणी की सुरक्षा स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। यह फैसला तब सामने आया जब बिहार की एनडीए सरकार ने उनकी Z+ श्रेणी की सुरक्षा को घटाकर Y श्रेणी कर दिया।
सुरक्षा में कटौती के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सरकार पर राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। आधिकारिक सुरक्षा कर्मियों को वापस लौटाए जाने के बाद बड़ी संख्या में RJD कार्यकर्ता पटना स्थित 10, सर्कुलर रोड आवास के बाहर जुट गए। कई कार्यकर्ता हाथों में लाठियां लिए नजर आए और उन्होंने दावा किया कि वे अपने नेताओं की सुरक्षा स्वयं करेंगे।
विपक्ष के नेता और लालू-राबड़ी के पुत्र तेजस्वी यादव ने भी Y श्रेणी की सुरक्षा लेने से इनकार कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को लेकर भी विवाद चल रहा है। बिहार सरकार ने यह बंगला मंत्री नंद किशोर राम को आवंटित करते हुए राबड़ी देवी से इसे खाली करने को कहा है।
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RJD प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि पार्टी के शीर्ष नेताओं का लगातार अपमान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सुरक्षा और आवास जैसे मुद्दों के जरिए विपक्ष को निशाना बना रही है। उनका कहना है कि पार्टी कार्यकर्ता अपने नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
वहीं, भाजपा और जदयू नेताओं ने इन आरोपों को खारिज किया है। बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि सुरक्षा श्रेणियां खतरे के आकलन के आधार पर तय की जाती हैं और लालू प्रसाद यादव व राबड़ी देवी को पूर्व मुख्यमंत्रियों के रूप में निर्धारित सुरक्षा दी जा रही है।
जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने भी कहा कि सुरक्षा संबंधी निर्णय विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर लिए जाते हैं और सभी को उनका सम्मान करना चाहिए।
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