केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को भारत के विभाजन को इतिहास की सबसे बड़ी भूल करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच अब केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) की वापसी का मुद्दा लंबित है। उन्होंने यह बात एक आधिकारिक बयान के माध्यम से कही।
जितेंद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 1947 में हुआ भारत का विभाजन देश के इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक था। उनके अनुसार, विभाजन के कारण कई गंभीर समस्याएं पैदा हुईं, जिनका प्रभाव आज भी देखने को मिलता है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत हमेशा शांति और विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों का समाधान पिछले कुछ वर्षों में हुआ है और अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर का मुद्दा ही दोनों देशों के बीच प्रमुख लंबित विषय है।
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उन्होंने कहा कि भारत का रुख स्पष्ट रहा है कि कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है। जितेंद्र सिंह ने जोर देकर कहा कि देश की संप्रभुता और अखंडता से जुड़े मामलों पर सरकार अपनी नीति पर कायम है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आज का भारत पहले से अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर में किए गए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर लंबे समय से एक प्रमुख विवाद का विषय रहा है। वर्ष 1947 के बाद से दोनों देशों के बीच कई बार तनाव और संघर्ष की स्थिति बनी रही है। भारत लगातार यह कहता रहा है कि कश्मीर से जुड़े मुद्दे द्विपक्षीय समझौतों और देश की संप्रभुता के आधार पर देखे जाने चाहिए।
जितेंद्र सिंह के इस बयान के बाद भारत-पाकिस्तान संबंधों और कश्मीर मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस फिर तेज हो सकती है।
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