कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के औपचारिक उद्घाटन से पहले ही भारत ने पदक तालिका में अपना खाता खोल दिया है। भारत की स्टार मुक्केबाज़ लवलीना बोर्गोहाईं ने महिला 75 किलोग्राम भार वर्ग के सेमीफाइनल में सीधे प्रवेश हासिल कर देश के लिए कम से कम कांस्य पदक पक्का कर लिया है।
असम की रहने वाली ओलंपिक पदक विजेता लवलीना को इस वर्ग में पहले दौर में 'बाय' (सीधा प्रवेश) मिला है। कॉमनवेल्थ गेम्स के मुक्केबाज़ी नियमों के अनुसार, सेमीफाइनल में पहुंचने वाले सभी मुक्केबाज़ों को कम से कम कांस्य पदक सुनिश्चित होता है। इसलिए लवलीना ने अपना पहला मुकाबला खेले बिना ही भारत के लिए पदक तय कर दिया है।
यह उपलब्धि भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि खेलों का उद्घाटन समारोह अभी होना बाकी है। लवलीना अब स्वर्ण या रजत पदक के लिए अपने अगले मुकाबलों में उतरेंगी। भारतीय खेल प्रेमियों को उनसे बेहतर प्रदर्शन और देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद है।
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लवलीना बोर्गोहाईं इससे पहले टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर चुकी हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और भारतीय महिला मुक्केबाज़ी की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में अपनी पहचान बनाई है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का दल कई अनुभवी और युवा खिलाड़ियों से सुसज्जित है। हालांकि इस बार कई पारंपरिक खेलों को प्रतियोगिता से बाहर रखा गया है, फिर भी भारतीय खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। ऐसे में लवलीना का शुरुआती पदक पूरे भारतीय दल के लिए उत्साह बढ़ाने वाला साबित हो सकता है और इससे अन्य खिलाड़ियों का मनोबल भी मजबूत होगा।
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