महाराष्ट्र सरकार ने मराठा समुदाय के छात्रों के लिए बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के छात्रों की तरह शैक्षणिक रियायतें और कल्याणकारी सुविधाएं देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार ने इस संबंध में आठ महत्वपूर्ण योजनाओं को मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य मराठा छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में अधिक अवसर और आर्थिक सहायता प्रदान करना है।
सरकार के फैसले के तहत मराठा समुदाय के छात्र अब ओबीसी छात्रों की तरह छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति और विभिन्न शैक्षणिक सहायता योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह कदम माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, तकनीकी, व्यावसायिक और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हजारों छात्रों को लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई योजनाओं में कक्षा 10 के बाद पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति, मोटर वाहन चालक एवं परिचालक प्रशिक्षण योजना, विभिन्न शैक्षणिक खर्चों की प्रतिपूर्ति तथा अन्य राज्यों में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए सहायता शामिल है।
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इसके अलावा, ओबीसी छात्रों को मिलने वाली किसी भी वर्तमान या भविष्य की शैक्षणिक सुविधा को भी मराठा समुदाय के छात्रों तक विस्तृत किया जाएगा। संस्थागत कोटे के तहत प्रवेश लेने वाले छात्रों को भी इन लाभों का पात्र बनाया गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में मराठा छात्रों की भागीदारी बढ़ेगी तथा परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होगा। साथ ही कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भी युवाओं की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।
मराठा आरक्षण का मुद्दा पिछले कई वर्षों से महाराष्ट्र की राजनीति का प्रमुख विषय रहा है। ऐसे में सरकार का यह निर्णय सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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