तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक संकट के बीच पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने बागी गुट द्वारा अरूप रॉय को पार्टी अध्यक्ष चुने जाने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटनाक्रम को “थिएटर ऑफ द एब्सर्ड” यानी हास्यास्पद राजनीतिक नाटक करार दिया।
मंगलवार को मीडिया से बातचीत में महुआ मोइत्रा ने कहा कि बागी गुट के अधिकांश नेता और विधायक ममता बनर्जी तथा टीएमसी के चुनाव चिन्ह के दम पर ही सांसद और विधायक बने हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदलने के बाद से टीएमसी नेताओं और मंत्रियों को लगातार गिरफ्तार किया जा रहा है।
महुआ मोइत्रा ने कहा, “किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी होने पर पुलिस उसे बिना मुकदमे के सड़कों पर नहीं घुमा सकती। यह कानून की सीमाओं से परे है और इसके लिए सरकार जवाबदेह है।”
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इससे पहले सोमवार को कोलकाता में आयोजित एक विशेष बैठक में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने ममता बनर्जी को पार्टी अध्यक्ष पद से हटाने का दावा करते हुए वरिष्ठ विधायक अरूप रॉय को नया अध्यक्ष चुन लिया। इसके साथ ही बागी नेताओं ने समानांतर संगठनात्मक ढांचा भी घोषित किया।
बैठक में 10 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यसमिति के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया, जिसे बाद में 30 सदस्यीय समिति में विस्तारित किया गया। बागी गुट का दावा है कि टीएमसी संविधान के अनुसार राष्ट्रीय कार्यसमिति का पुनर्गठन समय पर नहीं किया गया, जिससे पार्टी में “संवैधानिक संकट” पैदा हो गया।
हावड़ा सेंट्रल से विधायक अरूप रॉय को ध्वनिमत से अध्यक्ष चुना गया। बागी नेताओं ने इसे पार्टी के संगठनात्मक पुनर्गठन की दिशा में बड़ा कदम बताया, जबकि महुआ मोइत्रा और टीएमसी के आधिकारिक खेमे ने इस कदम की वैधता पर सवाल उठाए हैं।
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