मणिपुर के नोनी जिले के खुमजी इलाके में शुक्रवार को दो नागा सशस्त्र गुटों के बीच हुई गोलीबारी में कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घटना एक बेहद दुर्गम और घने जंगल वाले इलाके में हुई, जिसके कारण सुरक्षा बलों को घटनास्थल तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, गोलीबारी जेलियांग्रोंग यूनाइटेड फ्रंट (जेडयूएफ) के दो गुटों—जेयूएफ-जेनचुई और जेयूएफ-कैमसन—के बीच हुई। दोनों गुटों के बीच जेलियांग्रोंग समुदाय के इलाकों में प्रभाव और नियंत्रण को लेकर लंबे समय से तनाव और सशस्त्र प्रतिद्वंद्विता रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभी तक घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। सूत्रों का कहना है कि स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और सुरक्षा कर्मियों के घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का आकलन करने के बाद मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
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जेलियांग्रोंग इलाकों में पुराना विवाद
यह संघर्ष नागा संगठनों के बीच लंबे समय से चले आ रहे विवाद की पृष्ठभूमि में हुआ है। खासतौर पर एनएससीएन-आईएम और जेडयूएफ के बीच मतभेद तथा जेडयूएफ के भीतर गुटबाजी ने कई बार हिंसक घटनाओं को जन्म दिया है।
जेडयूएफ का गठन वर्ष 2011 में एनएससीएन-आईएम के कुछ पूर्व सदस्यों के अलग होने के बाद हुआ था। संगठन ने जेलियांग्रोंग समुदाय के हितों पर केंद्रित अलग राजनीतिक रुख अपनाया।
पश्चिमी मणिपुर के जेलियांग्रोंग बहुल क्षेत्रों, खासकर नोनी और आसपास के जिलों में समय-समय पर इन गुटों के बीच सशस्त्र झड़पें होती रही हैं।
जेडयूएफ जेलियांग्रोंग लोगों, उनकी जमीन और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा की मांग करता रहा है। संगठन जेलियांग्रोंग बहुल क्षेत्रों को एक प्रशासनिक व्यवस्था के तहत एकीकृत करने की मांग भी उठाता रहा है।
दुर्गम जंगल और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण फिलहाल घटनास्थल पर सुरक्षा बलों की पहुंच नहीं हो सकी है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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