भारत के पूर्व हॉकी कप्तान मनप्रीत सिंह को अगले महीने होने वाली हॉकी प्रो लीग के लिए घोषित 33 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम के कोर ग्रुप से बाहर कर दिया गया है। मनप्रीत का बाहर होना इसलिए भी चौंकाने वाला माना जा रहा है क्योंकि वह भारत के लिए सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले खिलाड़ी बनने से सिर्फ एक मैच दूर थे। इस सूची में गोलकीपर कृष्ण पाठक का नाम भी शामिल नहीं है।
मनप्रीत सिंह की अनुपस्थिति पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि वह एकमात्र सीनियर आउटफील्ड खिलाड़ी हैं जिन्हें टीम से बाहर रखा गया है। इस फैसले को लेकर हॉकी इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि टीम प्रबंधन आने वाले व्यस्त सत्र को ध्यान में रखते हुए युवा खिलाड़ियों को परखना चाहता है। इस सत्र में अगस्त में होने वाला हॉकी विश्व कप और उसके बाद एशियाई खेल शामिल हैं।
अधिकारी ने बताया कि कोच क्रेग फुल्टन नए खिलाड़ियों को आजमाने के उद्देश्य से हॉकी प्रो लीग को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं। “यह पूरी तरह से कोच का फैसला है। वह नई प्रतिभाओं को परखना चाहते हैं और प्रो लीग को इसके लिए उपयुक्त मंच मानते हैं। मनप्रीत सिंह को फिलहाल आराम दिया गया है और वह अगले राष्ट्रीय असाइनमेंट में टीम में वापस लौटेंगे”।
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हालांकि, मनप्रीत का इस अहम दौर में टीम से बाहर होना चर्चा का विषय बना हुआ है। लंबे समय से टीम के मिडफील्ड की रीढ़ रहे मनप्रीत ने कई बड़े टूर्नामेंटों में भारत का नेतृत्व किया है और उनका अनुभव टीम के लिए अहम माना जाता है।
टीम चयन को लेकर यह स्पष्ट किया गया है कि यह फैसला किसी स्थायी बदलाव का संकेत नहीं है, बल्कि भविष्य की तैयारियों के तहत अस्थायी कदम है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि युवा खिलाड़ियों को दिए गए इस अवसर का टीम को कितना लाभ मिलता है।
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