दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने शनिवार को घोषणा की कि वह केंद्र सरकार की ‘पीएम श्री’ और दिल्ली सरकार की ‘सीएम श्री’ स्कूलों की तर्ज पर अब ‘एमसीडी श्री’ स्कूलों की शुरुआत करेगा। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य नगर निगम के स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना तथा छात्रों के समग्र विकास पर विशेष ध्यान देना है।
दिल्ली के महापौर राजा इकबाल सिंह ने बताया कि इस योजना के पहले चरण में एमसीडी के प्रत्येक ज़ोन में दो-दो ‘एमसीडी श्री’ स्कूल स्थापित किए जाएंगे। इन स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया मेधावी छात्रों पर केंद्रित होगी, ताकि प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल और अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।
महापौर ने कहा कि इन संस्थानों का मुख्य फोकस छात्रों की क्षमताओं की पहचान करने और उन्हें निखारने पर होगा। साथ ही, विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए तैयार करने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। उनका मानना है कि यदि छात्रों को सही मार्गदर्शन, संसाधन और अनुशासन मिले, तो वे न केवल शैक्षणिक रूप से बल्कि नैतिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त बन सकते हैं।
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राजा इकबाल सिंह ने शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “शिक्षा, मूल्य और अनुशासन—ये तीनों मिलकर समाज की रीढ़ बनाते हैं।” उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्र का सच्चा निर्माता बताते हुए कहा कि शिक्षक ही युवा मनों को आकार देते हैं और उनमें सही संस्कार व मूल्यों का संचार करते हैं।
एमसीडी की इस पहल को दिल्ली में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ‘एमसीडी श्री’ स्कूलों के माध्यम से नगर निगम का लक्ष्य है कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ एक अनुशासित और प्रेरक वातावरण भी प्रदान किया जा सके, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
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