प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (25 जनवरी, 2026) को नागरिकों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में सक्रिय रूप से भाग लेने का आह्वान करते हुए कहा कि मतदाता होना केवल एक संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण कर्तव्य भी है, जो हर नागरिक को भारत के भविष्य को आकार देने की शक्ति देता है। राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर MY-भारत के स्वयंसेवकों को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री ने मतदाताओं को भारत की विकास यात्रा का “भाग्य विधाता” बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा, “लोकतंत्र में मतदाता होना सबसे बड़ा सौभाग्य और जिम्मेदारी है। मतदान एक पवित्र संवैधानिक अधिकार है और भारत के भविष्य में भागीदारी का प्रतीक है।” उन्होंने आगे कहा कि उंगली पर लगने वाली अमिट स्याही सम्मान का प्रतीक है, जो यह सुनिश्चित करती है कि लोकतंत्र जीवंत और उद्देश्यपूर्ण बना रहे।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस हर वर्ष 25 जनवरी को भारत निर्वाचन आयोग के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं में कई ऐसे होंगे जो पहली बार मतदाता बने हैं और यह उनके जीवन का अत्यंत महत्वपूर्ण क्षण है। ऐसे प्रथम बार मतदाताओं का लोकतंत्र में स्वागत किया जाना चाहिए, क्योंकि उनके पास देश की दिशा बदलने की ताकत है।
और पढ़ें: लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी करेगा चुनाव आयोग
पीएम मोदी ने कहा कि MY-भारत के स्वयंसेवक उस पीढ़ी से हैं जो केवल इंतजार नहीं करती, बल्कि “कैन डू” भावना के साथ बदलाव लाने में सक्रिय भूमिका निभाती है। उन्होंने स्वयंसेवकों से मतदाता बनने के महत्व को लेकर जागरूकता फैलाने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री ने भारत निर्वाचन आयोग से जुड़े सभी लोगों की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से लोकतांत्रिक प्रक्रियाएं और मजबूत हुई हैं। उन्होंने कहा कि भारत न केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है, बल्कि लोकतंत्र की जननी भी है, जिसकी जड़ें सदियों पुरानी हैं।
उन्होंने युवाओं से अपील की कि जब कोई पहली बार मतदाता बने, तो उस अवसर को परिवार, स्कूल और कॉलेजों में उत्सव के रूप में मनाया जाए। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हिमालय से लेकर अंडमान-निकोबार, रेगिस्तान और घने जंगलों तक लोग मतदान कर अपनी आवाज बुलंद करते हैं। साथ ही उन्होंने समावेशी लोकतंत्र के लिए नारी शक्ति, विशेषकर युवा महिलाओं की भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
और पढ़ें: मन की बात: भारतीय उत्पादों की पहचान सर्वोच्च गुणवत्ता से होनी चाहिए — प्रधानमंत्री मोदी