तमिलनाडु की राजनीति में कावेरी जल विवाद और नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की गिरफ्तारी को लेकर घमासान तेज हो गया है। द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) प्रमुख एमके स्टालिन ने मुख्यमंत्री विजय और सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राज्य के हितों की रक्षा करने में विफल रही है और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए कार्रवाई कर रही है।
एमके स्टालिन ने कहा कि तंजावुर में डीएमके द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में किसानों और आम लोगों की बड़ी भागीदारी यह दिखाती है कि कावेरी मुद्दे पर जनता में सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कावेरी नदी के पानी के बंटवारे और कर्नाटक की प्रस्तावित मेकेदातु बांध परियोजना के विरोध जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही है।
उदयनिधि के बयान का किया बचाव
उदयनिधि स्टालिन के भाषण का बचाव करते हुए डीएमके प्रमुख ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की प्रशासनिक कमियों को उजागर किया है। उदयनिधि ने अपने भाषण में मुख्यमंत्री विजय पर कावेरी मुद्दे को लेकर निशाना साधा था और सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।
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डीएमके ने आरोप लगाया कि उदयनिधि की गिरफ्तारी राजनीतिक बदले की भावना से की गई। एमके स्टालिन ने कहा कि सोमवार सुबह बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी उदयनिधि के आवास पहुंचे और उन्हें हिरासत में लेकर तंजावुर ले गए। उन्होंने सवाल उठाया कि पूछताछ चेन्नई में भी की जा सकती थी, फिर उन्हें तंजावुर क्यों ले जाया गया।
विधानसभा सत्र से पहले गिरफ्तारी पर सवाल
एमके स्टालिन ने गिरफ्तारी के समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा की बैठक मंगलवार से शुरू होनी थी और राज्य का बजट भी पेश किया जाना था। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का उद्देश्य नेता प्रतिपक्ष को विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने से रोकना था।
उन्होंने कहा कि बाद में सरकार के वकीलों ने अदालत में बताया कि उदयनिधि को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने का इरादा नहीं था और पूछताछ के बाद उन्हें रिहा कर दिया जाएगा। मद्रास हाई कोर्ट द्वारा उदयनिधि को उसी दिन रिहा करने के निर्देश को स्टालिन ने सरकार के लिए झटका बताया।
विजय सरकार पर असहमति दबाने का आरोप
डीएमके प्रमुख ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री विजय के कार्यकाल में सरकार की आलोचना करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो टिप्पणियों को लेकर लोगों पर कार्रवाई की गई है।
स्टालिन ने यह भी आरोप लगाया कि नीट परीक्षा विरोधी छात्रों, किसानों और अन्य संगठनों के प्रदर्शनों को रोकने का प्रयास किया गया। उन्होंने चेन्नई के मरीना बीच को अस्थायी रूप से बंद किए जाने को भी सरकार की असहिष्णुता का उदाहरण बताया।
‘कंटेंट क्रिएटर नहीं, मुख्यमंत्री की तरह काम करें’
मुख्यमंत्री विजय पर व्यक्तिगत हमला करते हुए एमके स्टालिन ने कहा कि उन्हें प्रचार और छवि बनाने से ज्यादा शासन पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि विजय को “कंटेंट क्रिएटर” की तरह नहीं बल्कि मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।
स्टालिन ने तमिलनाडु में कावेरी आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए डीएमके कार्यकर्ताओं की तत्काल रिहाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सत्ता का अहंकार अंततः पतन का कारण बनता है।
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