मध्य प्रदेश में 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक डिजिटल स्व-गणना (सेल्फ-एन्यूमरेशन) प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस अभियान के तहत नागरिकों को स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करने का अवसर दिया जा रहा है।
इस प्रक्रिया की शुरुआत के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं भी अपना स्व-गणना फॉर्म भरा और इस डिजिटल जनगणना में भाग लिया। उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण और आधुनिक प्रशासनिक कदम बताया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रदेश की जनता से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग इस डिजिटल जनगणना में सक्रिय रूप से भाग लें। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से सरकार को सही और सटीक आंकड़े प्राप्त होंगे, जिनके आधार पर भविष्य में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा।
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उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल जनगणना से पारदर्शिता बढ़ेगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अपने परिवार और व्यक्तिगत जानकारी सही तरीके से भरें ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे।
सरकार की ओर से बताया गया है कि इस डिजिटल स्व-गणना प्रक्रिया में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक स्थिति से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। इससे राज्य के विकास की योजना बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया मिशन को भी मजबूत करती है और मध्य प्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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