ईरान और अमेरिका के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है, लेकिन परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों में राहत और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वार्ता के नतीजों को लेकर चल रही अटकलों को खारिज करते हुए कहा है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
अब्बास अराघची ने बताया कि तेहरान और वॉशिंगटन के बीच अप्रत्यक्ष संवाद अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान हो रहा है, लेकिन अंतिम निर्णय होने तक किसी भी रिपोर्ट को सत्य मानना उचित नहीं होगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब समझौते को लेकर उम्मीदों के बीच नई राजनीतिक बाधाएं सामने आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में संकेत दिया था कि ईरान के साथ समझौता लगभग तैयार है, लेकिन रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने मसौदे में कुछ बदलाव की मांग की है। इससे वार्ता की प्रक्रिया और लंबी हो गई है।
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बताया जा रहा है कि ट्रंप ईरान के परमाणु दायित्वों पर अधिक कड़े प्रावधान चाहते हैं। साथ ही वे होर्मुज जलडमरूमध्य के निर्बाध संचालन को लेकर ठोस गारंटी की मांग कर रहे हैं। यह जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
वहीं, ईरान का कहना है कि उसके परमाणु ढांचे और संवर्धित यूरेनियम भंडार से संबंधित विस्तृत चर्चाएं वर्तमान वार्ता का हिस्सा नहीं हैं। दूसरी ओर, तेहरान किसी भी समझौते में आर्थिक प्रतिबंधों में राहत और आर्थिक सुरक्षा गारंटी को अनिवार्य शर्त मान रहा है।
हाल ही में व्हाइट हाउस में हुई उच्चस्तरीय बैठक भी बिना किसी अंतिम निर्णय के समाप्त हो गई। इससे साफ है कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अभी भी पर्याप्त दूरी बनी हुई है और समझौते का रास्ता आसान नहीं दिख रहा।
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