देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी है। मंगलवार रात से शुरू हुई मूसलाधार बारिश ने शहर के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इस वर्ष मानसून मुंबई में सामान्य तिथि 10 जून की तुलना में 13 दिन देरी से पहुंचा है।
लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में हिंदमाता, माटुंगा, कुर्ला और अंधेरी के कुछ हिस्से शामिल हैं, जहां सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
आंकड़ों के अनुसार, पश्चिमी उपनगरों में 190 मिमी, पूर्वी उपनगरों में 154 मिमी और मुंबई शहर में 184 मिमी वर्षा दर्ज की गई। भारी बारिश के चलते कई प्रमुख सड़कों पर यातायात धीमा पड़ गया और जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रही।
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आईएमडी ने बताया कि मानसून अब मध्य अरब सागर के शेष हिस्सों के साथ-साथ महाराष्ट्र के अन्य क्षेत्रों में भी सक्रिय हो गया है। इसके अलावा तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों में भी मानसून आगे बढ़ चुका है।
हालांकि बारिश के कारण कुछ इलाकों में परेशानी हुई, लेकिन इससे पिछले कई सप्ताह से जारी उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिली है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अनुसार, शहर की उपनगरीय रेल सेवाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं। सभी प्रमुख सबवे खुले रहे और बेस्ट बस सेवाओं पर भी कोई बड़ा असर नहीं पड़ा।
बीएमसी के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच मध्य मुंबई स्थित नायर अस्पताल क्षेत्र में सबसे अधिक 78.96 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके बाद एन.एम. जोशी मार्ग-लोअर परेल में 78.4 मिमी और परेल टीटी में 72.63 मिमी वर्षा हुई।
पश्चिमी उपनगरों में मलाड बस डिपो में 61.8 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि पूर्वी उपनगर के मानखुर्द स्थित महाराष्ट्रनगर क्षेत्र में 51.2 मिमी वर्षा हुई। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की अपील की है।
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