महाराष्ट्र में मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर लंबे समय से प्रतीक्षित “मिसिंग लिंक” परियोजना के शुरू होने के साथ ही यात्रियों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा है। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुगम बनाना है, लेकिन शुरुआत में ही यातायात व्यवस्था पर दबाव देखा गया।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले भी पुणे में महाराष्ट्र दिवस कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं, लेकिन वे इसी एक्सप्रेसवे पर करीब दो घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रहीं। उन्होंने मौके से एक वीडियो साझा करते हुए अन्य यात्रियों की परेशानी को भी दर्शाया।
यह जाम मुख्य रूप से लंबे सप्ताहांत, महाराष्ट्र दिवस की छुट्टी और नए खुले मार्ग के कारण बढ़े वाहन दबाव की वजह से हुआ। बड़ी संख्या में लोग मुंबई और पुणे के बीच यात्रा कर रहे थे, जिससे एक्सप्रेसवे पर यातायात का बोझ अचानक बढ़ गया।
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सरकार ने 1 मई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा इस परियोजना का उद्घाटन किया था। हालांकि नई सुविधा शुरू होने के साथ ही यातायात पैटर्न में बदलाव के कारण अस्थायी अव्यवस्था भी देखी गई।
“मिसिंग लिंक” परियोजना क्या है?
यह 13.3 किलोमीटर लंबा बाईपास है, जिसे मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे के सबसे भीड़भाड़ वाले और दुर्घटना-प्रवण घाट सेक्शन को बायपास करने के लिए बनाया गया है। इस परियोजना में दो बड़े सुरंग मार्ग शामिल हैं, जिनमें लगभग 9 किलोमीटर लंबी एक सुरंग भी है। इसके अलावा टाइगर वैली पर एक आधुनिक केबल-स्टे ब्रिज भी बनाया गया है।
इस परियोजना का उद्देश्य मुंबई और पुणे के बीच यात्रा समय को लगभग 20 से 30 मिनट तक कम करना है। साथ ही यह दुर्घटनाओं की संभावना को भी कम करेगा क्योंकि वाहन अब खतरनाक घाट सड़कों से होकर नहीं गुजरेंगे।
हालांकि यह परियोजना भविष्य में यातायात को सुगम बनाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन शुरुआती चरण में ट्रैफिक व्यवस्था में समायोजन के कारण यात्रियों को अस्थायी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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