महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को नागपुर और छत्रपति संभाजीनगर को राज्य के अगले प्रमुख विकास केंद्रों के रूप में पेश किया। नागपुर में अवाडा समूह के एक कार्यक्रम में उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने दोनों क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर जोर दिया।
फडणवीस ने कहा कि मराठवाड़ा में छत्रपति संभाजीनगर और विदर्भ में नागपुर आने वाले समय में महत्वपूर्ण औद्योगिक केंद्र बन सकते हैं। उन्होंने निवेशकों से इन क्षेत्रों में निवेश करने का आग्रह करते हुए कहा कि जो लोग यहां निवेश नहीं करेंगे, उन्हें आने वाले वर्षों में अवसर गंवाने का एहसास हो सकता है।
इस योजना का प्रमुख हिस्सा ‘न्यू नागपुर’ है। समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास विकसित किए जा रहे इस टाउनशिप को फडणवीस विदर्भ के लिए मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) जैसी व्यावसायिक पहचान देने की योजना पर जोर दे रहे हैं। करीब 2,000 एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना में गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) की भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क व्यवस्था से प्रेरणा ली जा रही है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसे बुनियादी ढांचे की तैयारी कर रही है, जिसका इस्तेमाल विभिन्न क्षेत्रों की कंपनियां कर सकें। इनमें ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), उन्नत विनिर्माण इकाइयां और स्मार्ट-इंडस्ट्री से जुड़ी कंपनियां शामिल हो सकती हैं।
आधी जमीन सुरक्षित
फडणवीस के अनुसार, न्यू नागपुर परियोजना के लिए जरूरी जमीन का करीब आधा हिस्सा पहले ही सुरक्षित किया जा चुका है। बाकी जमीन अगले तीन महीनों में उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने का रास्ता साफ हो सकता है।
उन्होंने कहा कि सरकार ऐसा औद्योगिक माहौल तैयार करना चाहती है, जिससे मुंबई के निवेशकों के लिए भी नागपुर और महाराष्ट्र के अन्य आंतरिक क्षेत्रों में अवसर आकर्षक बनें। समृद्धि एक्सप्रेसवे को भी पिछड़े क्षेत्रों में उद्योग और विकास के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे के विस्तार से जोड़ा गया है।
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