पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को 2007 के एक पुराने मामले में अदालत ने 5 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को मतदान होना है। उनके वकील ने अदालत के आदेश को कलकत्ता हाई कोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।
प्रधान को 18 सितंबर को 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, उनके खिलाफ लंबे समय से लंबित गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट थे। इन मामलों में हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा और अन्य गंभीर आरोप शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इससे पहले हल्दिया अदालत ने उन्हें अन्य मामलों में 3 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा था।
प्रधान की गिरफ्तारी ऐसे समय हुई, जब पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की थी। उनकी पार्टी के उम्मीदवार संचिता प्रधान डे के चुनाव मैदान से हटने के बाद ममता बनर्जी ने कांग्रेस के समर्थन का ऐलान किया था। इसके बाद गिरफ्तारी के समय को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
और पढ़ें: नंदीग्राम उपचुनाव में ममता ने कांग्रेस को दिया समर्थन, बंगाल की विपक्षी राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा
कांग्रेस नेताओं ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव प्रचार को प्रभावित करने वाला कदम बताया है। दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि कार्रवाई पुराने लंबित मामलों और गैर-जमानती वारंट के आधार पर की गई है। मिलन प्रधान ने अपने खिलाफ दर्ज अतिरिक्त मामलों को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट का भी रुख किया है।
नंदीग्राम उपचुनाव मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद आवश्यक हुआ। उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी और बाद में भवानीपुर सीट बरकरार रखी। उपचुनाव के लिए मतदान 6 अक्टूबर और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी।
और पढ़ें: नंदीग्राम उपचुनाव से पहले सायोनी घोष ने बीजेपी को बताया एकजुट और अनुशासित पार्टी