पश्चिम बंगाल में नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) की सांसद सायोनी घोष ने मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए भारतीय जनता पार्टी को ‘एकजुट और अनुशासित पार्टी’ बताया, जबकि विपक्षी खेमे में ‘गंभीर भ्रम’ होने का दावा किया।
उपचुनाव में सत्ता पक्ष के प्रति मतदाताओं के संभावित झुकाव पर सायोनी घोष ने कहा कि आमतौर पर उपचुनावों में सत्तारूढ़ दल को बढ़त मिल सकती है, लेकिन जीत ऐसे उम्मीदवार की होनी चाहिए जो जनता के लिए काम करे। उन्होंने बेहतर उम्मीदवार के चयन पर जोर दिया।
कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच गठबंधन को लेकर घोष पहले भी बेहतर तालमेल की उम्मीद जता चुकी हैं। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस को टीएमसी के साथ वास्तविक साझेदारी करनी चाहिए।
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नंदीग्राम से कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान से जुड़े कथित लंबित मामलों पर घोष ने कहा कि राजनीति में चुनाव से पहले संभावित फैसलों और कार्रवाइयों को ध्यान में रखना पड़ता है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल कानूनी रास्ता अपनाते हुए चुनाव आयोग या अदालत का रुख कर सकते हैं।
नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी द्वारा विधानसभा चुनाव के बाद खाली किए जाने के कारण उपचुनाव हो रहा है। बीजेपी ने हसीरानी रथ, कांग्रेस ने मिलन प्रधान और सीपीआई ने शांति गोपाल गिरि को उम्मीदवार बनाया है। टीएमसी की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने 18 सितंबर को नामांकन वापस ले लिया था।
नंदीग्राम और रेजीनगर में 6 अक्टूबर को मतदान और 9 अक्टूबर को मतगणना होगी। चुनाव प्रक्रिया 11 अक्टूबर तक पूरी होनी है।
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