अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नासा का आर्टेमिस-II मिशन सफलतापूर्वक पृथ्वी पर लौट आया है। लगभग एक महीने पहले शुरू हुई इस ऐतिहासिक यात्रा के बाद यह यान फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर में वापस पहुंच गया। इस मिशन ने 50 वर्षों से अधिक समय बाद मानव को चंद्रमा तक ले जाकर सुरक्षित वापस लाने का रिकॉर्ड बनाया है।
ओरियन कैप्सूल ने 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में सुरक्षित लैंडिंग की, जिससे लगभग 10 दिनों का अंतरिक्ष मिशन पूरा हुआ। इसके बाद इसे सावधानीपूर्वक सैन डिएगो से ट्रक के जरिए केप कैनावेरल लाया गया। अब इंजीनियर इस यान की विस्तृत जांच करेंगे, जिसमें विशेष रूप से हीट शील्ड की स्थिति पर ध्यान दिया जाएगा, जिसने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान यान को सुरक्षित रखा।
इस कैप्सूल को इसके चालक दल ने “इंटीग्रिटी” नाम दिया था। इसने मानव इतिहास में अब तक की सबसे दूर की अंतरिक्ष यात्रा पूरी की। मिशन के दौरान एक छोटे तकनीकी मुद्दे को छोड़कर यान का प्रदर्शन बेहद सफल रहा।
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आर्टेमिस-II मिशन का नेतृत्व कमांडर रीड वाइजमैन ने किया, उनके साथ पायलट विक्टर ग्लोवर, मिशन विशेषज्ञ क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसन शामिल थे। पृथ्वी पर लौटने के बाद सभी अंतरिक्ष यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और अब वे विश्राम कर रहे हैं।
इस मिशन की सफलता ने गहरे अंतरिक्ष अभियानों की तकनीकी क्षमता को साबित किया है। अब नासा आर्टेमिस-III मिशन की तैयारी में जुट गया है, जो भविष्य में चंद्रमा पर मानव मिशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम होगा।
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