पश्चिम बंगाल में चल रहे मतदान के दौरान नादिया जिले के करिमपुर मतदान केंद्र पर एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला, जहां 80 वर्ष से अधिक उम्र की मतदाता माया रानी विश्वास ने मतदान के बाद सुरक्षा बलों और चुनाव कर्मियों की खुलकर सराहना की।
माया रानी विश्वास ने करिमपुर गर्ल्स हाई स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर अपना वोट डाला। मतदान के दौरान उन्हें सुरक्षा कर्मियों और मतदान कर्मचारियों द्वारा विशेष सहायता प्रदान की गई, जिससे वे आसानी से अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकीं। उन्होंने इस सहयोग के लिए सुरक्षा बलों के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने उनके साथ “बेटों जैसा व्यवहार” किया।
वरिष्ठ नागरिक ने बताया कि मतदान केंद्र पर पहुंचने से लेकर वोट डालने तक सुरक्षा कर्मियों ने हर कदम पर मदद की। उन्हें कतार में लगने से लेकर ईवीएम मशीन तक पहुंचने में पूरी सहायता दी गई, जिससे उनका अनुभव बेहद सहज और सम्मानजनक रहा।
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चुनाव आयोग द्वारा वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जिसके तहत मतदान केंद्रों पर रैंप, व्हीलचेयर और सहयोगी स्टाफ की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य हर मतदाता को बिना किसी कठिनाई के मतदान का अवसर देना है।
करिमपुर में मतदान शांतिपूर्ण माहौल में जारी रहा, जहां बड़ी संख्या में मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखते हुए मतदान प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराया गया।
माया रानी विश्वास जैसे वरिष्ठ मतदाताओं के अनुभव यह दर्शाते हैं कि चुनाव प्रक्रिया में समावेशिता और सम्मान को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे लोकतंत्र और अधिक सशक्त बन रहा है।
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