पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने राज्यव्यापी अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पंजाब बीजेपी अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने बताया कि ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 18 सितंबर से शुरू होगी। 13 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगी और 30 सितंबर को जालंधर में इसका समापन होगा।
केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पंजाब में नशे का खतरा गंभीर चिंता का विषय बन गया है और कथित तौर पर नशीले पदार्थ राज्य के घर-घर तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि नशे के मुद्दे पर सवाल उठाने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है।
ढिल्लों ने संगरूर के गुलजार सिंह का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उन्होंने नशे की समस्या का मुद्दा उठाया था और बाद में आत्महत्या कर ली। बीजेपी नेता ने इस घटना का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर दबाव बनाया जा रहा है।
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बीजेपी के मुताबिक, यात्रा पंजाब के चार अलग-अलग स्थानों से शुरू की जाएगी। मुख्य यात्रा को 18 सितंबर को पठानकोट से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन हरी झंडी दिखाएंगे। इसके बाद यह अभियान सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेगा। जालंधर में होने वाले समापन कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की उम्मीद है।
यह अभियान 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी की राजनीतिक और संगठनात्मक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी नशे की समस्या के साथ कानून-व्यवस्था और शासन को भी प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी में है। पंजाब मामलों के प्रभारी सतीश पूनिया ने वरिष्ठ नेताओं के साथ यात्रा की तैयारियों को लेकर बैठकें भी की हैं। इनमें केवल सिंह ढिल्लों, नरेंद्र सिंह रैना, मनप्रीत सिंह बादल, सुनील जाखड़, अश्विनी शर्मा और मंत्री श्रीनिवासुलु शामिल रहे।
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