राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की विवादित पाठ्यपुस्तक को लेकर सार्वजनिक परामर्श जारी किया है। यह कदम सुप्रीम कोर्ट द्वारा न्यायपालिका में “भ्रष्टाचार” संबंधी एक अध्याय पर आपत्ति जताते हुए पुस्तक पर प्रतिबंध लगाने के एक दिन बाद उठाया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने न केवल इस पुस्तक पर प्रतिबंध लगाया, बल्कि इसकी प्रतियां जब्त करने का भी आदेश दिया था। इसके बाद शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को एनसीईआरटी ने लोगों से अपील की कि वे पुस्तक की प्रतियां वापस करें और सोशल मीडिया या अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर डाली गई संबंधित सामग्री को हटा दें।
एनसीईआरटी ने दोहराया कि कक्षा 8 की यह सामाजिक विज्ञान की पुस्तक पहले ही वापस ले ली गई है। परिषद ने कहा कि न्यायालय के आदेश का पूर्ण पालन किया जाएगा और किसी भी स्तर पर इस पुस्तक का उपयोग या वितरण नहीं किया जाना चाहिए।
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यह मामला उस समय सामने आया जब पुस्तक के एक खंड में न्यायपालिका में कथित “भ्रष्टाचार” पर चर्चा की गई थी, जिसे लेकर विवाद खड़ा हो गया। सुप्रीम कोर्ट ने इस सामग्री को आपत्तिजनक मानते हुए तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना से पाठ्यपुस्तकों की सामग्री की समीक्षा और प्रकाशन प्रक्रिया पर भी व्यापक चर्चा होगी। फिलहाल, एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि वह न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए आवश्यक कदम उठा रहा है।
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