राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में जारी विवाद के बीच पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने मंगलवार को कहा कि पार्टी में कोई अंदरूनी कलह नहीं है। उन्होंने एनसीपी राष्ट्रीय सचिव सचिदानंद सिंह द्वारा पार्टी अध्यक्ष पद के चुनाव को चुनौती देने वाले पत्र को महत्वहीन बताया।
प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि सचिदानंद सिंह के पत्र में कोई दम नहीं है और पार्टी से जुड़े किसी भी मुद्दे का समाधान आपसी बातचीत और सौहार्दपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी हित को ध्यान में रखते हुए सभी मामलों को मिलकर सुलझाया जाएगा।
दरअसल, सचिदानंद सिंह ने एनसीपी अध्यक्ष पद पर सुनेत्रा पवार के चुनाव को चुनौती दी है। उन्होंने दावा किया है कि 26 फरवरी को हुआ चुनाव पार्टी संविधान के अनुरूप नहीं था और इसे अमान्य घोषित किया जाना चाहिए।
और पढ़ें: क्या शरद पवार की एनसीपी (एसपी) जाएगी एनडीए के साथ? सांसदों और विधायकों के संभावित रुख पर बढ़ी सियासी हलचल
सिंह की ओर से दिल्ली की एक कानूनी फर्म ने 9 जुलाई को नोटिस जारी किया था। इसमें आरोप लगाया गया था कि चुनाव प्रक्रिया शुरू करने से पहले पार्टी संविधान में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया और प्रतिनिधियों तथा पदाधिकारियों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई।
उन्होंने मांग की है कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए दोबारा संगठनात्मक चुनाव कराया जाए। सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया में जरूरी औपचारिकताओं को पूरा नहीं किया गया।
हालांकि, एनसीपी नेतृत्व ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। पार्टी प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने पहले ही कहा था कि सचिदानंद सिंह 26 फरवरी को हुए राष्ट्रीय अधिवेशन में मौजूद थे और उन्होंने सुनेत्रा पवार के पक्ष में मतदान किया था।
एनसीपी में यह विवाद पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार के निधन के बाद शुरू हुआ। इसके बाद सुनेत्रा पवार को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया। अब पार्टी नेतृत्व का कहना है कि चुनाव पूरी प्रक्रिया और नियमों के अनुसार हुआ है।
और पढ़ें: CJP प्रदर्शन का 25वां दिन: सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, अनशन 17वें दिन में पहुंचा