नीट-यूजी परीक्षा के दौरान एक परीक्षा केंद्र पर उस समय विवाद की स्थिति बन गई, जब बुर्का पहनकर पहुंची एक छात्रा को प्रवेश से पहले रोक लिया गया। परीक्षा केंद्र पर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी और उनके अभिभावक मौजूद थे। सभी परीक्षार्थियों की निर्धारित नियमों के तहत जांच और प्रवेश प्रक्रिया चल रही थी, तभी यह मामला सामने आया।
परीक्षार्थी कुलसुम को परीक्षा केंद्र के बाहर रोक दिए जाने के बाद वहां काफी देर तक बहस होती रही। छात्रा का कहना था कि उसकी पहचान उसके धर्म और बुर्के से जुड़ी हुई है तथा वह बुर्का हटाकर परीक्षा देने के लिए तैयार नहीं है। उसने कहा कि वह सभी आवश्यक नियमों का पालन करते हुए परीक्षा केंद्र पहुंची थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन उसे परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दे रहा था।
कुलसुम ने कहा कि परीक्षा उसके लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन वह अपने धार्मिक विश्वास और बुर्के को छोड़कर परीक्षा नहीं दे सकती। उसने स्पष्ट किया कि यदि अनुमति नहीं मिलती है तो उसकी परीक्षा छूट जाएगी, लेकिन वह अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी।
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इस दौरान छात्रा के पिता भी उसके साथ मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि उनकी दो बेटियां नीट परीक्षा में शामिल हो रही हैं। एक बेटी को दूसरे परीक्षा केंद्र पर बुर्के के साथ प्रवेश की अनुमति मिल गई, जबकि इस केंद्र पर उनकी दूसरी बेटी को रोका जा रहा था। उन्होंने इसे नियमों के विपरीत बताते हुए अधिकारियों से शिकायत की।
मामला बढ़ने पर पुलिस और परीक्षा अधिकारियों ने छात्रा तथा उसके परिवार को समझाने का प्रयास किया। बाद में परीक्षा समय समाप्त होने से पहले केंद्र पर तैनात अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा की। पूरी सुरक्षा जांच और सत्यापन प्रक्रिया पूरी करने के बाद छात्रा कुलसुम को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दे दी गई, जिसके बाद वह परीक्षा में शामिल हो सकी।
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