केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट (NEET) रि-एग्जाम की सुरक्षा और सुचारु संचालन को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक में परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा की गई और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया कि पूरे देश में परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से आयोजित हो। अधिकारियों ने संभावित सुरक्षा खामियों की पहचान कर समय रहते रोकथाम के कदम उठाने पर चर्चा की।
अधिकारियों ने कहा कि हाल के समय में सोशल मीडिया पर फर्जी पेपर लीक और भ्रामक जानकारी तेजी से फैल रही है, खासकर टेलीग्राम चैनलों और गुप्त ग्रुप्स के माध्यम से। ऐसी पोस्ट छात्रों और अभिभावकों में डर, भ्रम और तनाव पैदा करती हैं।
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बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि कुछ संदिग्ध ऑनलाइन चैनल सीमित मोबाइल नंबरों से जुड़े हो सकते हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि इसके पीछे संगठित नेटवर्क काम कर रहा है।
शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया कंपनियों जैसे मेटा, गूगल और टेलीग्राम के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक की और कहा कि परीक्षा से जुड़ी झूठी जानकारी फैलाने वाले नेटवर्क के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे चैनलों की पहचान कर उन्हें तुरंत हटाया जाए।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि सरकार छात्रों को गलत जानकारी से बचाने और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस बीच, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। मामला 12 मई को दर्ज शिकायत के बाद शुरू हुआ था। आरोप है कि परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स पर पीडीएफ फॉर्मेट में साझा किए गए थे।
राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने घोषणा की है कि नीट रि-एग्जाम 21 जून को आयोजित किया जाएगा।
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