केंद्रीय बजट 2026 को लेकर बिहार में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेताओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और बिहार के उपमुख्यमंत्री ने इस बजट को “प्रगतिशील” बताते हुए इसका स्वागत किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार (1 फरवरी 2026) को कहा कि केंद्रीय बजट देश के विकास की दिशा में एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य कदम है।
नीतीश कुमार ने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे के विकास, रोजगार सृजन, सामाजिक कल्याण और आर्थिक स्थिरता पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को धन्यवाद देते हुए कहा कि यह बजट राज्यों के साथ-साथ आम जनता की आकांक्षाओं को भी प्रतिबिंबित करता है। मुख्यमंत्री के अनुसार, पूंजीगत व्यय में वृद्धि से राज्यों को विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलेगी और इससे आर्थिक गतिविधियों को भी बल मिलेगा।
बिहार के उपमुख्यमंत्री ने भी बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह बजट विकासोन्मुखी है और इससे गरीब, मध्यम वर्ग, युवा और किसानों को लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग जैसे क्षेत्रों पर जोर देकर सरकार ने भविष्य की मजबूत नींव रखी है।
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हालांकि, विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बजट की आलोचना की है। राजद नेताओं का कहना है कि यह बजट आम आदमी, किसानों और मजदूरों के हित में नहीं है, बल्कि पूंजीपतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि बजट में महंगाई, बेरोजगारी और ग्रामीण संकट जैसे मुद्दों पर ठोस समाधान नहीं दिया गया है।
कुल मिलाकर, जहां एनडीए इसे विकास और सुधारों का बजट बता रहा है, वहीं विपक्ष इसे जनविरोधी करार दे रहा है।
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