राज्यसभा में जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर करने का काम कर रही है।
यह विधेयक लोकसभा में 31 जुलाई को विपक्ष के विरोध और नारेबाजी के बीच पारित हुआ था। इसके बाद मंगलवार को इसे राज्यसभा में चर्चा और पारित करने के लिए पेश किया गया। विधेयक का उद्देश्य जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को और मजबूत बनाना तथा सरकारी रिकॉर्ड को अधिक सटीक एवं प्रभावी बनाना है।
बहस के दौरान नित्यानंद राय ने कहा कि सरकार देश में पारदर्शी और आधुनिक व्यवस्था बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह महत्वपूर्ण विधेयकों पर सकारात्मक चर्चा करने के बजाय सदन की कार्यवाही बाधित कर रहा है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज में बाधा डालना उचित नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी बार-बार सदन की कार्यवाही को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।
जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत सरकार का लक्ष्य पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक डिजिटल और प्रभावी बनाना है। इससे जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सकेगा और विभिन्न सरकारी सेवाओं में डेटा का उपयोग आसान होगा।
विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष ने इसे प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया, जबकि विपक्ष ने इसके कुछ प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए।
संसद में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच यह विधेयक सरकार और विपक्ष के बीच एक और टकराव का मुद्दा बन गया है। सरकार का कहना है कि विधेयक आम नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए लाया गया है, जबकि विपक्ष ने इस पर विस्तृत चर्चा की मांग की है।
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