तमिलनाडु विधानसभा चुनावों को लेकर द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। बुधवार (28 जनवरी, 2026) को दिल्ली में डीएमके संसदीय दल की नेता कनिमोझी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच हुई बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई, लेकिन दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या को लेकर कोई ठोस समझौता नहीं हो सका।
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने उन मुद्दों पर चर्चा की, जिन्हें लेकर दोनों दलों के बीच मतभेद हैं और जिनका समाधान आवश्यक है। हालांकि, इस बैठक में कांग्रेस को दी जाने वाली सीटों की संख्या पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं हुई। बताया जा रहा है कि डीएमके कांग्रेस के लिए विधानसभा सीटों की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के पक्ष में नहीं है।
डीएमके पहले ही कांग्रेस को राज्यसभा की एक सीट देने की प्रतिबद्धता जता चुकी है, लेकिन विधानसभा चुनावों में सीटों के बंटवारे को लेकर उसका रुख फिलहाल सख्त बना हुआ है। पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को तमिलनाडु में कुल 25 सीटें दी गई थीं, और इस बार कांग्रेस इससे अधिक सीटों की मांग कर रही है।
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कांग्रेस नेताओं का मानना है कि गठबंधन में उसकी भूमिका और जमीनी संगठनात्मक मौजूदगी को देखते हुए उसे अधिक सीटें मिलनी चाहिए। वहीं, डीएमके का तर्क है कि चुनावी रणनीति और क्षेत्रीय समीकरणों को ध्यान में रखते हुए सीटों का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
इस बैठक के बाद भी दोनों दलों के बीच बातचीत के दरवाजे खुले रखे गए हैं और आने वाले दिनों में फिर से चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तमिलनाडु की राजनीति में डीएमके-कांग्रेस गठबंधन अहम भूमिका निभाता है, इसलिए अंततः दोनों पक्ष किसी न किसी समझौते पर पहुंच सकते हैं।
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