ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 3.10 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। यह उनकी सरकार का तीसरा बजट है, जिसमें कृषि, ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है।
कुल बजट में से 1,80,000 करोड़ रुपये कार्यक्रम व्यय के लिए निर्धारित किए गए हैं, जो कुल बजट अनुमान का लगभग 58 प्रतिशत है। प्रशासनिक व्यय के लिए 1,14,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जबकि आपदा जोखिम प्रबंधन कोष के लिए 5,375 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 72,100 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय प्रस्तावित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) का 6.5 प्रतिशत और कुल बजट का 23.3 प्रतिशत है।
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महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में सरकार ने नई योजना ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगल योजना’ की घोषणा की। इस योजना का उद्देश्य हर बालिका को स्नातक तक शिक्षा दिलाना है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों में जन्मी बच्चियों के नाम पर 20,000 रुपये की बचत राशि जमा की जाएगी। स्नातक की पढ़ाई पूरी करने पर उन्हें 1,00,001 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह बजट राज्य के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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