देशभर में आज ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप आधारित कैब सेवाएं प्रभावित रहने वाली हैं, क्योंकि ड्राइवरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इस विरोध प्रदर्शन को “ऑल इंडिया ब्रेकडाउन” नाम दिया गया है।
यह हड़ताल तेलंगाना गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन (TGPWU) ने अन्य राष्ट्रीय श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर आयोजित की है। यूनियन का कहना है कि इस विरोध का उद्देश्य देशभर के गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स से जुड़े लंबे समय से लंबित मुद्दों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करना है।
यूनियन ने कहा कि ऐप आधारित परिवहन सेवाओं में न्यूनतम किराया तय नहीं है और कोई स्पष्ट नियम भी लागू नहीं हैं, जिसके कारण ड्राइवरों का लगातार शोषण हो रहा है। उनका आरोप है कि एग्रीगेटर कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय करती हैं, जिससे लाखों ड्राइवर आर्थिक असुरक्षा और खराब कार्य परिस्थितियों का सामना कर रहे हैं।
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इससे पहले यूनियन ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर ऐप आधारित परिवहन सेवाओं के लिए न्यूनतम बेस किराया तय करने की मांग की थी। पत्र में कहा गया कि केंद्र और राज्य सरकारों को ऑटो, कैब, बाइक टैक्सी और अन्य एग्रीगेटर सेवाओं के लिए न्यूनतम किराया तुरंत लागू करना चाहिए।
यूनियन ने यह भी मांग की है कि निजी वाहनों द्वारा यात्रियों और सामान की ढुलाई पर रोक लगाई जाए। यूनियन प्रमुख शेख सलाउद्दीन ने कहा कि सरकार की नीतिगत निष्क्रियता के खिलाफ यह हड़ताल की जा रही है और अपनी मांगों को मनवाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस हड़ताल के कारण देश के कई शहरों में यात्रियों को कैब सेवाओं की कमी और यात्रा में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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