महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां उद्धव ठाकरे गुट (शिवसेना यूबीटी) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। धाराशिव से सांसद ओमराजे निंबालकर ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने का फैसला किया है।
आज पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक के दौरान ओमराजे निंबालकर ने यह घोषणा की कि वे अब से एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय अपने लोकसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और समर्थकों की राय लेने के बाद लिया गया है।
गोवर्धनवाड़ी स्थित अपने आवास पर हुई बैठक में उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए सत्तारूढ़ व्यवस्था के साथ जुड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की कार्यशैली की सराहना की।
और पढ़ें: ऑपरेशन टाइगर के तहत उद्धव गुट के 7 सांसद शिंदे खेमे में जा सकते हैं, शिवसेना में सियासी हलचल तेज
उनके इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चित “ऑपरेशन टाइगर” को लेकर चल रही अटकलें और तेज हो गई हैं। पहले से ही चर्चा थी कि उद्धव ठाकरे गुट के कुछ सांसद जल्द ही शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं।
इस बीच, उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) के नौ में से छह लोकसभा सांसदों ने दिल्ली में एक बैठक से दूरी बनाई और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र सौंपा। रिपोर्टों के अनुसार, जल्द ही इन सांसदों के शिंदे गुट में औपचारिक विलय की संभावना जताई जा रही है।
इस घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति को और अधिक अस्थिर बना दिया है, जहां लगातार दल-बदल और गुटबाजी की खबरें सामने आ रही हैं।
उधर, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोल्हापुर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि अब केवल एक ही शिवसेना है, जिसका नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग “शिंदे गुट” कहते थे, लेकिन अब कोई गुट नहीं है, सिर्फ एक शिवसेना है।
और पढ़ें: महाराष्ट्र के परभणी में मंदिर हादसा: 5 की मौत, कई घायल; पीएम मोदी और सीएम फडणवीस ने जताया शोक