पाकिस्तान ने 27 फरवरी की सुबह में अफगानिस्तान के खिलाफ 'ऑपरेशन ग़ज़ब-लिल-हक़' शुरू किया, जो अफगान तालिबान के सीमान्त इलाकों से अनप्रोवोक्ड गोलीबारी के जवाब में तेज़ी से उठाया गया कदम है। इस हमले के तहत पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पाक्तिया जैसे प्रमुख शहरों और तालिबान के सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में 133 तालिबान ठिकानों को निशाना बनाया गया और कई महत्वपूर्ण सैन्य संसाधन नष्ट किए गए।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ ने इस अभियान को "ओपन वार" के रूप में घोषित किया और कहा कि यह तालिबान की लगातार चुनौती और सीमा पर हमलों का जवाब है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का धैर्य अब समाप्त हो गया है और यह कदम आवश्यक जवाबी कार्रवाई का प्रतीक है।
सीमा पर हाल के महीनों के टकराव के कारण यह हमला हुआ। खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के चितरल, खैबर, मोहमंद, कुर्रम और बाजौर में पहले हुए हमलों में दो पाकिस्तानी सुरक्षा कर्मियों की मौत हो गई थी, जिससे तेज़ और निर्णायक प्रतिक्रिया का रास्ता खुला।
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इस संघर्ष की जड़ दोनों देशों पर आतंकवाद के समर्थन के आरोप में निहित है। पाकिस्तान तालिबान पर टीटीपी (तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) को आश्रय देने का आरोप लगाता है, जबकि काबुल पाकिस्तान पर अफगानिस्तान में नेटवर्क चलाने और संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाता है।
ऑपरेशन ग़ज़ब-लिल-हक़ अब क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा बन गया है और यह दक्षिण एशिया की सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है।
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