फ्रेंच कप में सोमवार (13 जनवरी, 2026) को एक ऐतिहासिक उलटफेर देखने को मिला, जब पेरिस एफसी ने मौजूदा चैंपियन और रिकॉर्ड 16 बार की विजेता पेरिस सेंट-जर्मेन (पीएसजी) को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। यह जीत पेरिस एफसी की अपने ज्यादा अमीर और मशहूर पड़ोसी क्लब पीएसजी के खिलाफ पहली जीत रही, जिसने फ्रांस के फुटबॉल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया।
मैच में घरेलू मैदान पर खेल रही पीएसजी का दबदबा साफ नजर आया। टीम ने लगभग 70 प्रतिशत गेंद पर नियंत्रण रखा और गोल की ओर 25 शॉट लगाए, जबकि पेरिस एफसी ने सिर्फ चार प्रयास किए। इसके बावजूद पीएसजी अपनी श्रेष्ठता को गोल में तब्दील नहीं कर सकी और इसी का खामियाजा उसे उठाना पड़ा।
मैच का निर्णायक पल 74वें मिनट में आया, जब पेरिस एफसी ने एक तेज जवाबी हमले के दौरान एकमात्र गोल दाग दिया। इस गोल के हीरो रहे जोनाथन इकोने, जो कभी पीएसजी की जर्सी पहन चुके हैं। पूर्व पीएसजी विंगर इकोने ने मौके का फायदा उठाते हुए गेंद को जाल में पहुंचाया और अपनी पुरानी टीम के खिलाफ निर्णायक वार किया।
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जोनाथन इकोने पीएसजी की यूथ अकादमी से उभरे थे और 2016-17 सत्र में उन्होंने पीएसजी के लिए सात मुकाबले खेले थे। बाद में उन्होंने लील और इटली के क्लब फियोरेंटीना के साथ लंबे और सफल दौर बिताए। खास बात यह रही कि इससे एक महीने पहले ही इकोने ने फ्रेंच कप के पांचवें दौर में यूएस रॉन-लेताप के खिलाफ पेरिस एफसी की जीत में हैट्रिक लगाई थी।
इस मैच में पेरिस एफसी के गोलकीपर ओबेद नकांबाडियो ने शानदार प्रदर्शन किया और पीएसजी के लगातार हमलों को नाकाम किया। उनकी शानदार गोलकीपिंग ने टीम की ऐतिहासिक जीत की नींव रखी।
इस हार के साथ पीएसजी 2012-13 सत्र के बाद पहली बार फ्रेंच कप के अंतिम 32 दौर में भी जगह बनाने में असफल रही, जिससे टूर्नामेंट में बड़ा झटका लगा है।
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