टिपरा मोथा पार्टी (टीएमपी) के सुप्रीमो प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा ने बुधवार को कहा कि आगामी त्रिपुरा ट्राइबल एरियाज ऑटोनॉमस डिस्ट्रिक्ट काउंसिल (टीटीएएडीसी) चुनाव के परिणाम यह तय करेंगे कि 2028 के विधानसभा चुनावों के बाद त्रिपुरा में किसी टिपरासा (आदिवासी) नेता को मुख्यमंत्री बनने का अवसर मिलेगा या नहीं।
उन्होंने यह बयान गोमती जिले के किल्ला क्षेत्र में आयोजित एक पार्टी रैली को संबोधित करते हुए दिया। देबबर्मा ने कहा कि टीटीएएडीसी चुनाव केवल राजनीतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि राज्य के आदिवासी समुदाय के भविष्य और अस्तित्व के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के मूल निवासियों और आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए यह चुनाव निर्णायक साबित होगा। प्रद्योत देबबर्मा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अपील की कि वे इस चुनाव को गंभीरता से लें और अधिक से अधिक समर्थन जुटाएं।
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हालांकि अभी तक टीटीएएडीसी चुनाव की आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन वर्तमान परिषद का कार्यकाल 20 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। इसके बाद नए चुनाव कराए जाने की संभावना है।
देबबर्मा ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी लंबे समय से आदिवासी समुदाय के अधिकारों, पहचान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व के लिए संघर्ष कर रही है। उन्होंने दावा किया कि अगर टीटीएएडीसी में मजबूत जनसमर्थन मिलता है, तो भविष्य में राज्य की राजनीति में आदिवासी नेतृत्व को अधिक अवसर मिलेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी परिषद चुनाव त्रिपुरा की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकते हैं और इससे राज्य में भविष्य के सत्ता समीकरण भी प्रभावित हो सकते हैं।
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